अनु भाभी की चुदाई की कहानी

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अनु भाभी का मेरा छूना

मेरी उम्र 23 साल है और ये घटना पिछले साल की है  जब मैं एक इन्जिनीरिंग का स्टूडेंट था ,मैं हरयाणा के एक शहर  रहने वाला हु ,मेरे सामने वाले घर में एक भैया भाभी रहते थे.उनके २ बचे थे. बचे अभी छोटे थे. भैया का शहर में छोले भठूरे की शॉप थी और भाभी दिन भर घर में हो रहते थी। पडोसी होने के कारन भाभी का हमारे घर में काफी आना जाना था भाभी की उम्र करीब 34 साल होगी
भाभी दिखने में सांवले रंग की थी परन्तु शरीर में किसी अप्सरा से काम नही थी  चिपके हुए पायजामी सूट पहनतीं थी ,भाभी की हाइट करीब ५ फुट होगी और शरीर में अचे खासे उभार थे। शरीर एकदम कसा हुआ था

डेली घर में आने जाने के कारन मेरी और अनु की काफी बनती थी ,जी हाँ उनका नाम अनु था। बातो बातो में हम काफी हंसी मजाक किया करते थे अनु भाभी अक्सर मुझसे पूछती थी की अबे तेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या और मैं शरमाँ जाता था घर के माहौल और समाज के पाखंड के कारन कभी लड़कियों से बात भी नही की थी पर अनु भाभी के साथ मेरी अच्छी tuning थी। कई बार अनु भाभी घर में कुछ सामान लेने आती तो मैं उनके हाथ को छू लेता। एक औरत का स्पर्श मुझे बोहोत अच्छा लगता और अनु भी कुछ नही कहती थी।

एक बार मैं दोपहर के समय अनु भाभी के घर कुछ सामान लेने गए था अपनी आदतानुसार मैं घर का मैं गेट खोलकर सीधा अंदर चला गया लेकिन दरवाजा के पास जाकर मैं कुछ आवाज सुनी ,मैं वही रुक गया थोड़ा ध्यान लगाकर सुना तो आवाज अनु भाभी की थी , किसीकी आहों की आवाज थी लेकिन दर्दनाक नहीं बल्कि अजीब से आवाजें , मैं दरवाजे की दरार से देखने की कोशिश की ज्यादा कुछ नही देख पाया ,पर हाँ देखा अनु भाभी अपनी कछि ठीक कर कर रही थी, पहली बार किसी लड़की की टंगे देख रहा था वो भी इतनी खुबसुरत्त की मनो मैंने कोई अप्सरा देख ली हो। मैं तो सपने में भी कल्पना नही कर सकता थी की कोई आदमी इतना लकी भी हो सकता है की अनु भाभी के साथ कुछ भी कर सके और वो भी लाइसेंस के साथ  |

मैं चुपचाप दबे पांव वापस अपने घर चला गया।

Bhabhi Ki Chudai
पर इस घटना के बाद अनु मेरे दिमाग़ पर छाई रहते थी उसका कसा हुआ बदन अक्सर मेरे लिंग को उत्तेजित कर देता था और उपर से मेरी उमर भी २३ साल की जब शरीर में ताक़त सबसे ज़्यादा होती हैऽग्ले दिन मैं अनु भाभी के घर गया और उनसे बोला की मैं कल भी आया था दोपहर के समाए लेकिन दरवाजा बंद था अनु मेरी बात समझ गये और उसने नज़रें चुरा ली वो कुछ खुश ऩही थी अनु बोलने लगी की बचे होने के बाद तो उसकी ज़िंदगी सिर्फ़ एक मशीन के जैसे बन कर रह गये है दिन भर घर का कम और बचो के देख रेख | इसके अलावा उसकी ज़िंदगी में अब कुछ नही रह गया और अब उसके पति भी सारा ध्यान दुकान में और पैसा कमाने में लगते है. वो वो निराश दिख रही थी |मैने तुरंत अनु को गले लगा लिया और उसके माथे पर एक किस किया |अनु छिटककर डुआर हो
एक बार मैं दोपहर के समय अनु भाभी के घर कुछ सामान लेने गए था अपनी आदतानुसार मैं घर का मैं गेट खोलकर सीधा अंदर चला गया लेकिन दरवाजा के पास जाकर मैं कुछ आवाज सुनी ,मैं वही रुक गया थोड़ा ध्यान लगाकर सुना तो आवाज अनु भाभी की थी , किसीकी आहों की आवाज थी लेकिन दर्दनाक नहीं बल्कि अजीब से आवाजें , मैं दरवाजे की दरार से देखने की कोशिश की ज्यादा कुछ नही देख पाया ,पर हाँ देखा अनु भाभी अपनी कछि ठीक कर कर रही थी, पहली बार किसी लड़की की टंगे देख रहा था वो भी इतनी खुबसुरत्त की मनो मैंने कोई अप्सरा देख ली हो। मैं तो सपने में भी कल्पना नही कर सकता थी की कोई आदमी इतना लकी भी हो सकता है की अनु भाभी के साथ कुछ भी कर सके और वो भी लाइसेंस के साथ  |

अनु भाबी कसा बदन देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता

XXX Bhabhi
पर इस घटना के बाद अनु मेरे दिमाग़ पर छाई रहते थी उसका कसा हुआ बदन अक्सर मेरे लिंग को उत्तेजित कर देता था और उपर से मेरी उमर भी २३ साल की जब शरीर में ताक़त सबसे ज़्यादा होती हैऽग्ले दिन मैं अनु भाभी के घर गया और उनसे बोला की मैं कल भी आया था दोपहर के समाए लेकिन दरवाजा बंद था अनु मेरी बात समझ गये और उसने नज़रें चुरा ली वो कुछ खुश ऩही थी अनु बोलने लगी की बचे होने के बाद तो उसकी ज़िंदगी सिर्फ़ एक मशीन के जैसे बन कर रह गये है दिन भर घर का कम और बचो के देख रेख | इसके अलावा उसकी ज़िंदगी में अब कुछ नही रह गया और अब उसके पति भी सारा ध्यान दुकान में और पैसा कमाने में लगते है. वो वो निराश दिख रही थी |मैने तुरंत अनु को गले लगा लिया और उसके माथे पर एक किस किया |अनु छिटककर दूर हो गई और जाकर अपने बेड पर लेट गयी मैं भी पीछे पीछे अनु के बैड रूम में चला गया और अनु के बराबर में लेट गया और अनु को अपनी बहो में भर लिया अनु ने भी रिस्पांस दिया और मेरी बाँहो में समां गयी

कुछ सेकंड के बाद मैंने अनु को अपने से अलग किया मैंने देखा अनु बेसुध सी पड़े है हलके सांवले रंग को वो औरत किसी अप्सरा से काम नही थी पता नही किसी भावनावश मैंने उसके होठ अपने होठो में ले लिए और उसके होठ चूसने लगा अनु को कोई विरोध नही किया |मैं पहले उसकी जीभ अपनी जीभ से चाटने लगा फिर बारी बारी उसके दोनों होठ चूसने लगा करीब ३-४ मिनट तक उसके होठ चूसने के बाद मुझे थोड़ा होश आया |  अनु किसी भी चीज का विरोध नही कर रहे थी मैंने अपने दोनों हाथ निचे लेजा करके उसके पायजामी का नाडा खोल दिया और उसकी कच्छी भी निचे कर दी |  लड़कियों का पायजामी सूट एक ऐसे चीज है जिसे कोई लड़का नही उतर सकता क्योकि पयजामि इतना कासी होती है की आप जबरदस्ती करोगे भी तो ये फट जाएगी पर उतरगी नही यही हाल मेरा  भी था इसलिए मैंने पूरा उतारने की बजाये अनु की पायजामी और कच्छी घुटनो तक निचे सरका दी |

अब जब मैंने अपनी नजरें निचे की तो देखा |  उसकी दोनों टांगो के बीचो बिच एक क़रीब तीन इंच गहरे काले रंग की दरार थी और दोनों टांगो के बिच में हलके बाल थे अनु का रंग काला होने के बावजूद उसकी खूबसूरती किसी अप्सरा से काम नही थी मेरी नजरें तो उसकी दोनों टांगो के बीचो बिच अटक कर रह गए थी अब तो मुझे भैया से जलन होने लगी की कोई कैसे इतना लकी हो सकता है जो इतनी खूबसूरत योनि को हर रोज़ भोगता होगा | खैर मैंने अपने एक हाथ को निचे ले जाकरके उसकी योनि की दोनों फांको को खोल दिया अनु की योनि पूरा खुलकर एक विकराल रूप में आ गयी शायद २ बचे पैदा करने के कारण उसकी योनि इतना खुल गये थी और शायद इसी वजह से उसके पति भी उसमे कम इंटेरेस्ट लेते थे

मैने अपनी नज़रें उपर उठाकर देखा अनु अपनी दोनो आँखें बंद किए पड़ी थी और नीचे उसकी दोनो टाँगें खुली पड़ि थी और दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज़ एक योनि मेरी सामने थी मैने भी तुरंत अपनी जीन्स नीचे की और अपना लिंग अपने हाथ में लिया और अनु की योनि पर लिंग को सेट किया और एक हल्का सा धक्का दिया खच की आवाज़ के साथ बेहद आराम से पूरा लिंग योनि में समा गया अब मुझे

अपने लिंग के किसी गर्म चीज़ में डालने का सा एहसास हुआ वो शायद अनु की योनि की गरमी थी अब मेरा जो लिंग बाहर अपने पूरे विकराल रूप में नही था वो योनि के अंदर जाने के बाद धीरे धीरे पूरे विकराल रूप में आ चुका था | मैने उपर देखा अनु आँखें बंद किए पड़ी थी और मेरा लिंग उसकी योनि में था अनु जैसे पूरा समर्पण कर चुकी थी मैने बिना देर किए उसके होठ अपने मुह में भर लिए |

अब मेरे पूरे शरीर में गरमी की लहर सी फैल गये मैने अपनी पूरी ताक़त इकट्ठा की और अपना लिंग बाहर खींचा और पूरे ज़ोर से दोबारा अंदर डाल दिया | अनु के शरीर में हलचल से होने लगी शायद ये मेरे धक्के का रेस्पॉन्स था जो अनु दे रही थी मेरी उमर २३ के करीब थी और शरीर में भरपूर ताक़त थी और अनु जैसे खूबसूरत योनि आज मेरे लिंग को मिली थी मैने भी उसके  होठ पर से ध्यान हटा दिया और सारा ध्यान नीचे अपने लिंग और उसकी योनि पर लगाया अब उसकी दोनो टांगे उपर की और उठ गये थी और मैने भी अपना लिंग झटके से बाहर निकल और झटके से योनि में परविष्ट करा दिया जैसे ही लिंग योनि की जड़ में प्रहार करता मैं दोबारा पूरी ताक़त से लिंग को बाहर निकलता और दोगुनी ताक़त से लिंग को योनि की गहराएयोन में धकेल देता मेरा हर धक्का पहले धक्के से दोगुनी ताक़त से होता पूरा रूम खच खच की आवाज़ से भर गया और अनु की योनि भी बिना किसी विरोध के बड़े आराम से मेरे धक्के झेल र्रही थी वो बड़े आराम से मेरे धक्को का मज़ा चख र्रही थी मैने महसूस किया की अगर कोई और लड़की होती तो अभी तक चीखें मरने लगती पर अनु तो बड़े आराम से मेरे धक्को का स्वाद चख र्रही थी उसके चेहरे पर अजीब से संतुष्टि के भाव थे करीब १० मीं हो गये थे मुझे अनु की योनि में धक्के लगाते लगाते |अब मैं भी थकने लगा था मैं इतनी जल्दी छूटना नाहे चाहता था मैने अपना लिंग अनु की योनि से बाहर निकाला और अनु के उपर आ गया | मैने कहा अनु आँखें खोलो………. आँखें खोलो….. उसने अपनी आँहें खोल दी मैने उसकी आँखों में देखा एक अजीब से संतुष्टि थी

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मैने फ़ौरन अपना लिंग उसकी योनि में धकेल दिया उसके मूह से सिसकारी सी निकली और इस बार मैं ताबड़तोड़ धक्को के लिए तैयार था

मैने पूरी ताक़त इकट्ठा की और योनि में ताबड़तोड़ धक्के लगने शुरू किए इतने धक्को के बाद भी अनु के मूह से अफ नही निकली शायद वो इस से पहले भी कर बार इस खेल का मजा ले चुकी थी और उसकी योनि काफ़ी भूकि थी

खच खच के धक्को से पूरा रूम भरा हुआ था अनु बड़े आराम से मेरे हर धक्के का मजा चख र्रही थी और मैं भी पूरी ताक़त से अनु की योनि में प्रहार कर रहा था करीब १५ मीं बाद अचानक मेरे लिंग ने अपना वीर्या अनु की योनि में छोड़ दिया और मैं निढाल सा एक तरफ़ गिर गया .इतने में दरवाजे की घंटी बजी अनु के अपनी  पायजामी और कच्छी उपर की और मैने भी अपनी जीन्स पहनी |

भैया किसी कम से शॉप से वापस घर आए थे अनु ने ब्टाया की ये चीनी लेने आया था और मैं भी वापस घर आ गया
हालाकी इसके बाद अनु और मैने कभी एक दूसरे को नही देखा अनु ने मुझे समझा दिया था की अगर किसी को पता चल गया तो दोनो को ज़िंदगी खराब हो जाएगी.
दोस्तों आपको कहानी कैसे लगी बतायेगे जरूर harry40t@gmail.com

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