चूत का जलवा बड़ा कमाल- XXX Story in Hindi

Hindi Desi Chudai

मैं अपने ऑफिस से घर लौटा ही था कि मैंने देखा मेरा दोस्त गौतम मेरा इंतजार कर रहा था मैंने गौतम से कहा कि आज तुम काफी दिनों बाद मुझे मिल रहे हो। वह मुझे कहने लगा कि हां राघव आज सोचा कि तुमसे मुलाकात कर लूं इतने दिन हो गए हैं तुमसे मुलाकात भी तो नहीं हुई थी।

मैंने गौतम से पूछा गौतम तुम्हारे परिवार में सब लोग कैसे हैं तो गौतम मुझे कहने लगा कि घर में सब लोग ठीक हैं और पापा भी रिटायर होने वाले हैं इसीलिए मैं तुमसे मिलने के लिए आया था, सोचा कि तुम्हें बता दूं की पापा के रिटायरमेंट की पार्टी हमने कुछ दिनों बाद रखी है इसलिए तुम्हें और तुम्हारे परिवार को मैं इनवाइट करने के लिए तुम्हारे घर पर आया था।

मैंने गौतम से कहा मैं अंकल की पार्टी में जरूर आऊंगा। गौतम और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे जब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो गौतम ने मुझे उस दौरान अपनी गर्लफ्रेंड शिखा के बारे में बताया मुझे शिखा के बारे में कुछ पता नहीं था क्योंकि मैं अपनी नौकरी के चलते कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया था इसलिए मुझे शिखा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

गौतम ने मुझे बताया कि उसकी और शिखा की मुलाकात कुछ दिनों पहले एक प्रोग्राम के दौरान हुई थी और वहां पर उन दोनों के बीच काफी अच्छी बनने लगी।

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मैंने गौतम से कहा कि लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया ही नहीं था वह मुझे कहने लगा कि अब तुम्हें मैं इस बारे में क्या बताता क्योंकि तुमसे मुलाकात हो ही नहीं पाई थी। मैंने गौतम को कहा चलो यह बड़ी अच्छी बात है, क्या तुमने शिखा के बारे में घर पर सब को बता दिया है। गौतम मुझे कहने लगा कि हां मैंने शिखा के बारे में घर में सब को बता दिया है सब लोग हमारे रिश्ते से काफी खुश हैं पापा और मम्मी चाहते हैं कि हम लोग जल्दी शादी कर ले।

मैंने गौतम को कहा तुम बड़े ही खुशनसीब हो जो तुम्हें शिखा मिली। शिखा और गौतम ने शादी करने का निर्णय कर लिया था मैं जब गौतम के पिताजी की रिटायरमेंट पार्टी में गया हुआ था तो वहां पर मुझे गौतम ने शिखा से मिलवाया यह पहली ही बार था जब मैं शिखा से मिला था शिखा से मिलकर मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। उस दिन पार्टी में गौतम के काफी रिश्तेदार भी आए हुए थे और सब लोग काफी खुश थे वह लोग गौतम के पिताजी को उनके रिटायरमेंट की बधाइयां दे रहे थे। मैं भी उस दिन पार्टी में अपने परिवार के साथ गया हुआ था तो हम लोग घर जल्दी लौट आए थे।

जब हम घर लौटे तो उसके बाद मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था तभी मुझे गौतम ने फोन किया और कहा कि राघव तुम कहां हो। मैंने गौतम से कहा मैं तो घर पहुंच चुका हूं गौतम मुझे कहने लगा कि चलो मैं तुमसे कल मुलाकात करता हूं मैंने गौतम को कहा ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं। अगले दिन हम दोनों एक दूसरे से मिले जब हम लोग एक दूसरे से मिले तो गौतम मुझे कहने लगा कि मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी थी।

मैंने गौतम को कहा हां गौतम कहो ना तुम्हें क्या जरूरी बात करनी थी तो गौतम मुझे कहने लगा कि मैंने और शिखा ने यह सोचा है कि हम लोग कुछ दिनों के लिए जयपुर हो आये तो क्या तुम भी हमारे साथ जयपुर चलोगे। मैंने गौतम से कहा कि उसके लिए तो मुझे ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ेगी तभी मैं तुम्हारे साथ आ पाऊंगा गौतम मुझे कहने लगा कि अगर तुम्हें ऑफिस से छुट्टी मिल जाती है तो क्या तुम हमारे साथ चलोगे।

मैंने गौतम से कहा अगर मुझे ऑफिस से छुट्टी मिल जाएगी तो मैं जरूर तुम्हारे साथ चलूंगा। मुझे उसके बाद ऑफिस से छुट्टी मिल चुकी थी और हम लोग जयपुर चले गए जयपुर हम लोग सुबह के 7:00 बजे पहुंच गए थे और हम लोग कुछ दिन वहीं रुकने वाले थे। शिखा तो अपनी मौसी के घर चली गई थी इसलिए मैं और गौतम होटल में रुके हुए थे उसी शाम जब शिखा अपनी मौसी की लड़की रेखा को लेकर आई तो रेखा को देखकर मुझे काफी अच्छा लगा और रेखा के साथ मैं बड़े ही अच्छे से बात करता जिससे कि रेखा मेरी बातों से काफी प्रभावित हो गई थी।

हम लोग जयपुर में दो दिन रूके और उसके बाद हम लोग वापस दिल्ली लौट आए थे। मैंने रेखा का नंबर नहीं लिया था इसलिए मैंने शिखा से रेखा का नंबर ले लिया और उसके बाद रेखा और मैं एक दूसरे से फोन पर बातें करने लगे। हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता और शिखा को भी यह बात पता चल चुकी थी कि रेखा और मेरे बीच में कुछ तो चल रहा है।

गौतमा ने शिखा से शादी करने का फैसला कर लिया था तो उन दोनों के परिवार वालों को उन दोनों की शादी से कोई भी परेशानी नहीं थी इसलिए उन दोनों ने शादी करने का पूरा मन बना लिया था और जल्द ही उन दोनों की शादी तय हो गई। उन दोनों की शादी के लिए रेखा कुछ दिनों के लिए दिल्ली आने वाली थी मैं इस बात से तो काफी खुश था कि इस बहाने रेखा से मेरी मुलाकात तो हो जाएगी।

रेखा जब उस दौरान दिल्ली आई तो हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया मैं और रेखा एक दूसरे के साथ समय बिता कर काफी खुश थे और हम दोनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मैंने तो सोचा भी नहीं था कि रेखा से मेरी इतनी जल्दी मुलाकात हो जाएगी। गौतम और शिखा की शादी हो जाने के बाद रेखा वापस जयपुर लौट गई मुझे भी अब लगने लगा था कि मुझे रेखा से शादी कर लेनी चाहिए।

मैंने एक दिन रेखा से इस बारे में बात की तो रेखा ने मुझे कहा कि लेकिन अभी मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती हूं। मैंने रेखा को जब इसका कारण पूछा तो रेखा मुझे कहने लगी कि मेरी बड़ी बहन की अभी शादी नहीं हुई है और उससे पहले मैं कैसे शादी कर सकती हूं।

मैंने रेखा को कहा कि लेकिन फिर भी तुम अपने पापा मम्मी को मेरे बारे में तो बता ही सकती हो। रेखा मुझे कहने लगी राघव मुझे कुछ समय चाहिए मैं कुछ समय बाद ही अपने पापा मम्मी को तुम्हारे बारे में बता पाऊंगी। मैंने रेखा को कहा ठीक है कोई बात नहीं। हम दोनों का रिलेशन ऐसे ही चलता रहा हम दोनों के रिलेशन को करीब एक साल हो चुका था।

हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते एक दिन मैंने रेखा को कहा क्या तुम मुझसे मिलने के लिए दिल्ली आ सकती हो? रेखा ने मुझे मना कर दिया वह कहने लगी तुम जयपुर आ जाओ। मैंने उसे कहा अगर मैं जयपुर आ गया तो क्या तुम मेरे साथ रुकने वाली हो। वह मुझे कहने लगी ठीक है मैं इस बारे में सोचूंगी और मैंने कुछ दिनों बाद जयपुर जाने का फैसला किया और मैं जयपुर चला गया था।

उस दिन हम दोनों ने साथ में रहने का फैसला किया रेखा मेरे साथ होटल में रुकी उसे अब यह बात पता थी कि हम दोनों के बीच चुदाई का खेल होने वाला है वह भी तैयार थी। मैंने भी उसे अपनी बाहों में ले लिया मै उसके होठों को चूमने लगा मुझे उसके होठों को चूमकर बड़ा ही अच्छा लग रहा था उसको भी बहुत मजा आ रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा अच्छा तो मुझे भी बड़ा लग रहा है और मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही है।

वह मुझे कहने लगी देखो मैं तो चाहता हूं तुम मेरे लंड को चूसो। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाल कर उसे हिलाना शुरू किया तो मेरा मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसने लगी। उसको बडा ही अच्छा लग रहा था और मुझे भी मज़ा आ रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग कर रही थी तो उसके अंदर की गर्मी बढ चुकी थी और मेरे अंदर भी आग लगी हुई थी।

मैं अब रेखा की चूत मे लंड डालना चाहता था। रेखा के कपड़े उतारने के तुरंत बाद मैंने उसकी चूत पर अपनी उंगली को लगाया और अपनी उंगली से उसकी चूत को सहलाना शुरु किया तो रेखा की चूत के अंदर मेरा लंड जाने के लिए तैयार था। उसकी योनि से पानी बाहर निकल आया था उसको मजा आने लगा था और मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था।

जब मैंने रेखा की चूत को चाटना शुरू किया तो वह मचलने लगी। अब मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसकी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुका था और मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मेरे अंदर की गर्मी अब इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही रेखा रह पा रही थी मैंने भी अपने लंड को उसकी चूत के अंदर प्रवेश करवा कर एक झटका मारा जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपने लंड को डाला तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और कहने लगी मुझे मजा आ गया।

अब हम दोनों को ही मजा आ चुका था मैं तो बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही वह अपने आपको रोक पा रही थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता तो मुझे आनंद आने लगता।

मैंने जब रेखा की चूत के अंदर से निकलते हुए खून को देखा तो मुझे मजा आने लगा और मेरे अंदर की गर्मी और भी बढ़ने लगी। मेरे अंदर की आग बहुत बढ चुकी थी और मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। रेखा की चूत से निकलता हुआ पानी ज्यादा अधिक हो चुका था जिससे कि मैं उसकी चूत की गर्मी को झेल नहीं पाया और मेरा माल उसकी चूत में ही गिर गया।

जब मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी और उसके अंदर की आग भी अब बढ़ती जा रही थी। वह मुझे कहने लगा मुझे तुम ऐसे ही चोदता जाओ मैंने उसे ऐसे ही काफी देर से धक्के मारे मेरे अंदर से माल बाहर की तरफ गिरा और मुझे मजा आ गया।

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