आओ मैं तुम्हारे बदन की मालिश कर दूँ- XXX Story in Hindi

XXX Story in Hindi

मेरी और अभिलाषा की शादी को हुए 15 वर्ष हो चुके हैं हम दोनों दिल्ली में रहते हैं हम दोनों ही एक अच्छी नौकरी में कार्यरत हैं लेकिन हम दोनों के पास समय नहीं हो पाता इसलिए हमने अपने बेटे रोहन को पढ़ने के लिए बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया था।

हम दोनों घर पर अकेले हैं और सुबह के वक्त हम लोग अपने ऑफिस चले जाया करते हैं हम दोनों ही अपने ऑफिस में बहुत व्यस्त रहते हैं इसी वजह से हम दोनों को एक दूसरे से बात करने का समय तक नहीं मिल पाता। हम दोनों जब भी घर लौटते हैं तो उस वक्त देर हो जाती है हालांकि हमारे जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं है परंतु उसके बावजूद भी मैं और अभिलाषा एक दूसरे को समय बिल्कुल भी नहीं दे पाते हैं।

हमारे जीवन में सिर्फ समय का भाव है जिसके चलते मुझे भी कई बार लगता है कि हम लोगों को एक दूसरे को समय देना चाहिए परंतु काम के दबाव के चलते हम दोनों के पास ही समय नहीं हो पाता।

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रोहन की छुट्टियां पड़ी थी रोहन कुछ दिनों के लिए घर आने वाला था रोहन जब घर आया तो घर में बहुत अच्छा माहौल था काफी समय बाद रोहन से मिलकर अभिलाषा भी बड़ी खुश थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा कि रोहन कुछ दिनों के लिए हमारे साथ रहने वाला है।

मैंने कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और अभिलाषा ने भी कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ले ली हम दोनों चाहते थे कि रोहन के साथ हम दोनों अच्छा समय बिताएं। हम दोनों ने रोहन के साथ समय बिताने का फैसला किया मैंने और अभिलाषा ने ऑफिस से छुट्टी ले ली मैं और अभिलाषा काफी समय बाद एक दूसरे से इतनी बातें कर रहे थे।

उस दिन हम सब लोग घर पर ही थे घर में काम करने वाली नौकरानी आशा जब घर पर आई तो वह घर की साफ सफाई कर रही थी मैं सुबह जल्दी उठ गया था इसलिए मैं अखबार पढ़ रहा था। आशा घर की सफाई कर रही थी और अभिलाषा रोहन के लिए अपने हाथों से नाश्ता बना रही थी अभिलाषा चाहती थी कि वह रोहन को अपने हाथों से नाश्ता बनाकर खिलाएं।

अभिलाषा रोहन को काफी समय बाद मिल रही थी इसलिए उसकी ममता जाग उठी थी। रोहन अभी तक उठा नहीं था मैंने आशा को आवाज लगाते हुए कहा आशा रोहन को उठा दो तो आशा कहने लगी कि ठीक है साहब मैं अभी रोहन बाबू को उठा देती हूं।

आशा ने रोहन को उठाया तो रोहन अपनी आंख मूँदता हुआ बाहर की तरफ आया अभिलाषा ने रोहन से बड़े प्यार से ही कहा कि रोहन तुम उठ गए तो रोहन कहने लगा हां मां मैं उठ गया। रोहन फ्रेश होने के लिए जा चुका था मैं अभी तक अखबार पढ़ रहा था अभिलाषा ने मुझे कहा कि आप अभी तक अखबार पढ़ रहे हैं आप भी तैयार हो जाइए और नाश्ता कर लीजिए।

मैंने अभिलाषा को कहा ठीक है अभिलाषा मैं भी नाश्ता कर लेता हूं रोहन भी थोड़ी देर बाद बाथरूम से बाहर आ चुका था और वह नाश्ता करने लगा हम तीनों ने नाश्ता किया। आशा ने घर की साफ सफाई का काम पूरा कर लिया था और वह कहने लगी कि साहब अब मैं चलती हूं मैंने आशा को कहा ठीक है आशा जाते-जाते आशा ने कहा आज साहब मुझे कुछ पैसे चाहिए थे।

मैंने आशा को कहा मैंने तुम्हें कुछ दिनों पहले ही तो तनख्वाह दी थी वह कहने लगी कि मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है मैंने उससे कहा कि ठीक है तुम कल मुझसे पैसे ले लेना अब आशा यह कहते हुए चली गई।

अभिलाषा चाहती थी कि हम लोग रोहन के साथ एक अच्छा समय बिताएं इसलिए अभिलाषा ने अपनी बड़ी बहन को भी घर पर बुला लिया। काफी समय बाद अभिलाषा की बड़ी बहन रेखा से मेरी मुलाकात हो रही थी वह भी रोहन से मिलकर बड़ी खुश थी सब लोग चाहते थे कि हम लोग कहीं घूमने के लिए जाएं।

हम लोगों ने वाटर पार्क में जाने का फैसला किया और हम लोग वाटर पार्क घूमने के लिए चले गए जब हम लोग वाटर पार्क गए तो उस दिन काफी ज्यादा भीड़ थी। मैंने वाटर पार्क के काउंटर से टिकट ले लिया और रोहन बड़ा ही खुश था रोहन के चेहरे की खुशी यह बयां कर रही थी कि वह भी हम लोगों के साथ खुश है।

रोहान पूरी तरीके से इंजॉय कर रहा था मैं और अभिलाषा साथ में बैठे हुए थे रेखा रोहन के साथ खेल रही थी मैंने अभिलाषा को कहा अभिलाषा मुझे तो कई बार लगता है कि रोहन को हमें अपने पास ही रखना चाहिए।

अभिलाषा मुझे कहने लगी रमेश मैं भी तो यही चाहती हूं कि रोहन हमारे साथ ही रहे लेकिन तुम तो यह बात अच्छे से जानते हो कि वह हमारे साथ नहीं रह सकता क्योंकि हम दोनों सुबह के वक्त अपनी जॉब पर चले जाते हैं और देर शाम को घर लौटते हैं रोहन को भी तो हमें समय देना पड़ेगा क्या हम लोग रोहन के लिए समय निकाल पाएंगे।

शायद अभिलाषा ने बिल्कुल सही कहा क्योंकि मुझे भी यही लगता है कि हम दोनों उसके लिए समय नहीं निकाल पाएंगे इसीलिए रोहन को हमें बोर्डिंग स्कूल में ही पढ़ाना चाहिए। अब हम लोग भी वाटर पार्क में रोहन के साथ इंजॉय करने लगे रोहन बड़ा ही खुश था जब हम लोग शाम के वक्त घर लौट रहे थे तो रोहन कहने लगा पापा मुझे बड़ी भूख लग रही है तो मैंने रोहन से कहा ठीक है रोहन हम लोग अभी पिज्जा खाते हैं।

हम लोग एक पिज़्ज़ा के आउटलेट पर चले गए और वहां पर मैंने पिज्जा आर्डर करवा दिया थोड़ी ही देर बाद पिज्जा आ गया और हम लोग साथ में बैठकर पिज्जा खा रहे थे। जब हम लोग घर चले गए तो मैं और अभिलाषा एक दूसरे से बात कर रहे थे

रोहन अपने रूम में वीडियो गेम खेल रहा था मैं और अभिलाषा एक दूसरे से यह कह रहे थे कि क्या हम लोगों को भी रोहन से मिलने के लिए उसके स्कूल में जाना चाहिए क्योंकि हम लोग रोहन से मिलने के लिए बहुत कम ही जाया करते थे।

रोहन की छुट्टियां भी अब धीरे-धीरे खत्म होने लगी थी और हम लोग भी ऑफिस के लिए रोज सुबह चले जाया करते थे और शाम को घर लौटते जिससे कि हम लोग रोहन को समय नहीं दे पा रहे थे।

कुछ दिनों बाद रोहन भी अपने स्कूल चला गया हम लोग बहुत ही बुरा महसूस कर रहे थे परंतु थोड़े दिनों बाद ही हम लोग रोहन से मिलने के लिए उसकी स्कूल में चले गए और हम लोगों को रोहन से मिलकर अच्छा लगा। रोहन के साथ थोड़ा समय बिता कर हम लोग खुश थे जब हम घर वापस लौटे तो मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी।

अभिलाषा मुझे कहने लगी रमेश आज तुम ऑफिस नहीं जा रहे हो? मैंने अभिलाषा को कहा नहीं आज मैं ऑफिस नहीं जा रहा हूं मैं घर पर ही हूं। वह अपने ऑफिस जा चुकी थी मैं घर पर ही था थोड़ी देर बाद ही आशा घर पर आई। मैंने उसे कहा आशा आज तुम बड़ी लेट आ रही हो? वह कहने लगी साहब मुझे आने में आज देर हो गई।

आशा मुझे कहने लगी साहब आप ठीक तो है मैंने उसे कहा हां मैं ठीक हूं लेकिन तबीयत आज ठीक नहीं लग रही। वह मेरे पास आकर बैठ गई वह मुझे कहने लगी मैं आपके बदन को दबा देती हूं। मैंने आशा को कहा ठीक है तुम मेरे बदन की मालिश कर दो उसके बदले मैं तुम्हें कुछ पैसे दे दूंगा।

आशा मेरे बदन की मालिश करने लगी मेरे अंदर से अब पूरी थकान दूर होने लगी थी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं ठीक हो चुका हूं। जब वह अपने हाथों से मेरी कमर की मालिश कर रही थी तो मेरे अंदर आशा को लेकर एक उत्तेजना जाग रही थी क्योंकि अभिलाषा के साथ मेरी सेक्स लाइफ कुछ ठीक नहीं थी।

मैंने आशा को कहा मैं भी तुम्हारे बदन की मालिश कर देता हूं? वह कहने लगी साहब आप कैसी बात कर रहे हैं मैंने उसे कहा सही मैं तुम्हारे बदन कि आज मालिश कर देता हूं उसके बदले में तुम्हें पैसे दूंगा।

आशा भी पैसे का नाम सुनते ही खुश हो गई मैंने आशा के बदन से कपड़े उतारे तो उसके बड़े स्तनों को मैंने तेल से मालिश करना शुरू किया और उसके पूरे बदन पर मैंने तेल की मालिश की। वह अपनी चूत के अंदर उंगली डालने लगी थी मैंने उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया और उसकी चूत के अंदर उंगली डालनी शुरू कर दी मैं बहुत देर तक उसके स्तनों के मजे लेता रहा।

जब मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो वह उत्तेजित होने लगी मैंने अपने लंड को उसके मुंह में डाला उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसने 2 मिनट तक लंड को चूसा। मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक ना सका उसने मेरे लंड पर तेल की मालिश करते हुए अपनी चूत के अंदर मेरे लंड को डालने की बात कही मैंने भी अपने लंड को आशा की चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया।

आशा की चूत के अंदर मेरा लंड प्रवेश हो चुका था अब वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी आशा मेरा साथ देती वह गर्म हो चुकी थी। उसने मुझे कहा आप मुझे तेजी से चोदा उसने अपने दोनों पैरों को खोल लिया मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारने लगा मुझे उसे चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था।

जिस प्रकार से मैं उसकी चूत के मजे ले रहा था उससे वह और भी ज्यादा गर्म हो रही थी आशा की चूत के अंदर बाहर मेरा लंड होता तो उसकी चूत से पानी बाहर निकलता जाता और मेरे लंड को चूत में लेकर वह बड़ी खुश थी।

मैने अपने माल को उसकी चूत मे गिरा दिया। वह मुझे कहने लगी मुझे कुछ पैसे दे दो मैंने उसे अपने बटुए से पैसे निकाल कर दे दिए। मैंने उसे कहा आज मैं तुम्हारी गांड भी मारना चाहता हूं? वह इस बात के लिए तैयार नहीं थी लेकिन मैंने अपने लंड पर तेल लगाकर लंड को खड़ा किया और उसकी गांड के छेद मे घुसाया तो उसकी गांड के छेद के अंदर लंड जा चुका था।

मेरा लंड जब उसकी गांड के छेद के अंदर बाहर होता तो वह बड़ी तेज आवाज में चिल्लाती मैं उसकी बड़ी चूतड़ों को पकड़कर उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता जिससे कि वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगती।

मेरे लंड वह अपनी गांड में लेकर बहुत खुश थी काफी देर तक उसने मेरे लंड को अपनी गांड में लिया लेकिन उसकी गांड से जब गर्मी बाहर निकल रही थी उसको मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त कर सका और मैंने अपने माल को आशा की गांड में गिरा दिया। आशा ने मेरे लंड को साफ किया मैंने उसे कुछ पैसे दिए। मुझे आशा के साथ सेक्स करने में बड़ा मजा आया।

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